नियमित नैदानिक सेवाएँ
आपातकालीन नैदानिक सेवाएँ
मुख्य विशेषताएं:
माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला मई 2018 में एचबीसीएच में और सितंबर 2020 में एमपीएमएमसीसी में स्थापित की गई थी। माइक्रोबायोलॉजी विभाग एक बहु-विषयक इकाई है जिसमें बैक्टीरियोलॉजी, माइकोलॉजी, सीरोलॉजी, माइकोबैक्टीरियोलॉजी, पैरासिटोलॉजी और मॉलिक्यूलर माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला शामिल हैं। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के टाटा मेमोरियल सेंटर के लोकाचार के अनुरूप तीन मुख्य सिद्धांत हैं: सेवा, शिक्षा और अनुसंधान।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग एनएबीएल मान्यता प्राप्त है और इसके दायरे में क्लिनिकल पैथोलॉजी के साथ-साथ माइक्रोबायोलॉजी के सभी अनुभागों के तहत विभिन्न नैदानिक परीक्षण शामिल हैं और यह इस क्षेत्र की पहली कुछ प्रयोगशालाओं में से एक है।
प्रमुख क्षेत्र: क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी, अस्पताल संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवा से जुड़े संक्रमण की निगरानी, अवसरवादी संक्रमणों का निदान, एंटीबायोटिक प्रतिरोध निगरानी, अस्पताल जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग नैदानिक सहसंबंध के साथ मजबूत और समय पर रिपोर्टिंग प्रदान करता है और प्रभावी चिकित्सीय हस्तक्षेप के लिए अस्पताल के चिकित्सकों और अन्य नैदानिक सेवाओं के साथ निकट समन्वय में काम करता है। बेहतर और प्रभावी रोगी प्रबंधन के लिए संबंधित नैदानिक टीम को यथाशीघ्र महत्वपूर्ण रिपोर्टों की जानकारी देने की विभाग की नीति है।
बैक्टीरियोलॉजी और सीरोलॉजी नैदानिक सेवाएँ एचबीसीएच और एमपीएमएमसीसी दोनों में उपलब्ध हैं। माइकोलॉजी, माइकोबैक्टीरियोलॉजी और मॉलिक्यूलर माइक्रोबायोलॉजी सेवाएँ एचबीसीएच में स्थापित हैं। दोनों केंद्रों के बीच निर्धारित नमूना परिवहन शटल सेवा उपलब्ध है।
विभाग गुणवत्ता के प्रति जागरूक है और विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संगठनों द्वारा आयोजित विभिन्न बाह्य गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रमों (EQAS) में नामांकित है:
| क्र. सं. | अनुभाग | EQAS प्रदाता |
|---|---|---|
| 1. |
बैक्टीरियोलॉजी सीरोलॉजी मॉलिक्यूलर माइक्रोबायोलॉजी |
IAMM EQAS – Delhi |
| 2. |
विशेष सीरोलॉजी मॉलिक्यूलर माइक्रोबायोलॉजी यूरिन आर/एम |
RML QAP – Lucknow |
| 3. | स्टूल आर/एम | IATP – JIPMER, CMC – Vellore |
| 4. | माइकोलॉजी | EQMM – PGIMER Chandigarh |
विभाग कर्मचारियों के विकास और वृद्धि के लिए अनुसंधान और शैक्षिक गतिविधियों का समर्थन करता है।
विभाग का दृष्टिकोण डीएनबी (माइक्रोबायोलॉजी), बीएमएलएस, बीओटीटी और शॉर्ट-टर्म सर्टिफाइड तकनीशियन ट्रेनिंग कोर्स के तहत नामांकित छात्रों को अद्यतित और समग्र सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है ताकि माइक्रोबायोलॉजी के सभी विषयों में अनुसंधान किया जा सके और उत्कृष्ट शिक्षक व शोधकर्ता तैयार किए जा सकें।
डॉक्टरों और तकनीकी कर्मियों के लिए विभाग में नियमित सेमिनार, जर्नल क्लब और केस चर्चा आयोजित की जाती है। अकादमिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने के लिए सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई), प्रशिक्षण और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं।
| क्र. सं. | पाठ्यक्रम का नाम | पीजी/यूजी/प्रशिक्षण पाठ्यक्रम | अभ्यर्थियों की संख्या |
|---|---|---|---|
| 1. | डीएनबी माइक्रोबायोलॉजी पाठ्यक्रम | पीजी मेडिकल | 2 छात्र / वर्ष |
| 2. | बैचलर्स इन मेडिकल लेबोरेटरी साइंस (BMLS) | यूजी पैरा-मेडिकल | 5 छात्र / सेमेस्टर |
| 3. | बी.एससी. ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजी (BOTT) | यूजी पैरा-मेडिकल | 5 छात्र / सेमेस्टर |
| 4. | शॉर्ट टर्म सर्टिफाइड तकनीशियन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम | प्रशिक्षण | 4 प्रशिक्षु / वर्ष |
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संकाय सदस्य, वैज्ञानिक अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी अनुसंधान में गहरी रुचि लेते हैं और वैज्ञानिक अनुसंधान परियोजनाओं और प्रकाशनों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
विभाग अस्पताल से जुड़े संक्रमणों को कम करने के लिए अस्पताल के सभी वार्डों, ओपीडी, आईसीयू और बीएमटी में नियमित संक्रमण नियंत्रण राउंड आयोजित करता है तथा डॉक्टरों, नर्सों और सफाई कर्मचारियों के लिए संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण प्रथाओं के बारे में प्रशिक्षण कक्षाएं आयोजित करता है। विभिन्न अस्पताल संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण प्रथाओं के लिए नर्सिंग ओआईसी के लिए महीने में दो बार नियमित इन-सर्विस कक्षाएं आयोजित की जाती हैं।
विभाग सीडीसी अटलांटा, यूएसए द्वारा वित्तपोषित एम्स, नई दिल्ली के सहयोग से हॉस्पिटल एक्वायर्ड इन्फेक्शन सर्विलांस नेटवर्क (सीएलएबीएसआई, सीएयूटीआई) में भाग ले रहा है।
विभाग ने कोविड महामारी के दौरान अत्यधिक योगदान दिया।
विभाग अस्पताल के बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की देखरेख भी करता है। बीएमडब्ल्यू प्रबंधन के लिए नवीनतम बीएमडब्ल्यू दिशानिर्देशों को लागू और पालन किया जाता है। स्वास्थ्य कर्मियों के लिए नियमित रूप से कक्षाएं आयोजित की जाती हैं और उन्हें बीएमडब्ल्यू दिशानिर्देशों में बदलाव के बारे में अद्यतन किया जाता है।
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